अखिल भारतवर्षीय जाट महासभा

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    भक्त शिरोमणि करमां बाई
भारत के महान जाट महापुरुष

भक्त शिरोमणि करमां बाई

भक्त शिरोमणि करमां बाई का जन्म भादवा बदी एकम, 20 अगस्त 1615 ईस्वी को राजस्थान के कालवा ग्राम में किसान चौधरी जीवनराम डूडी एवं माता रतनी देवी के घर हुआ। जन्म के समय हुई मूसलाधार...

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    चौधरी चरण सिंह
भारत के महान जाट महापुरुष

चौधरी चरण सिंह

चौधरी चरण सिंह (23 दिसम्बर 1902 – 29 मई 1987) भारत के महान स्वतंत्रता सेनानी, प्रखर राजनीतिज्ञ, समाज सुधारक तथा किसानों के सच्चे हितैषी थे। उन्होंने अपना सम्पूर्ण सार्वजनिक जीवन किसानों, ग्रामीण भारत तथा कृषि...

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    चौधरी देवी लाल
भारत के महान जाट महापुरुष

चौधरी देवी लाल

चौधरी देवी लाल (25 सितम्बर 1914 – 6 अप्रैल 2001) भारत के महान किसान नेता, स्वतंत्रता सेनानी एवं प्रखर राजनीतिज्ञ थे। उन्होंने अपना सम्पूर्ण जीवन किसानों, मजदूरों तथा ग्रामीण समाज के अधिकारों की रक्षा के...

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    भक्त धन्ना जी
भारत के महान जाट महापुरुष

भक्त धन्ना जी

भक्त धन्ना जी का जन्म सन् 1415 ईस्वी में राजस्थान के एक जाट किसान परिवार में हुआ था। उनके पिता एक परिश्रमी कृषक थे तथा बचपन से ही धन्ना जी का मन भगवान श्रीकृष्ण की...

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    महाराजा रणजीत सिंह
भारत के महान जाट महापुरुष

महाराजा रणजीत सिंह

महाराजा रणजीत सिंह खालसा साम्राज्य के प्रथम महाराजा थे। वे "शेर-ए-पंजाब" के नाम से विश्वभर में प्रसिद्ध हैं। उन्होंने न केवल बिखरे हुए पंजाब को एक शक्तिशाली साम्राज्य में संगठित किया, बल्कि अपने जीवनकाल में...

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    महाराजा सूरजमल
भारत के महान जाट महापुरुष

महाराजा सूरजमल

महाराजा सूरजमल (13 फ़रवरी 1707 – 25 दिसम्बर 1763) भरतपुर राज्य के महान शासक तथा जाट साम्राज्य के सबसे प्रभावशाली राजाओं में से एक थे। उनके शासन का विस्तार वर्तमान दिल्ली, आगरा, अलीगढ़, एटा, फ़िरोज़ाबाद,...

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    चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत
भारत के महान जाट महापुरुष

चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत

चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत (6 अक्टूबर 1935 – 15 मई 2011) उत्तर प्रदेश के प्रसिद्ध किसान नेता और भारतीय किसान यूनियन (BKU) के राष्ट्रीय अध्यक्ष थे। उनका जन्म उत्तर प्रदेश के मुज़फ्फरनगर जनपद के सिसौली...

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    राजा नाहर सिंह
भारत के महान जाट महापुरुष

राजा नाहर सिंह

राजा नाहर सिंह (1823–1858) हरियाणा के फरीदाबाद जनपद स्थित बल्लभगढ़ रियासत के वीर जाट शासक थे। वे तेवतिया गोत्र के जाट वंश से संबंधित थे और 1857 के प्रथम भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के प्रमुख योद्धाओं...

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    राजा महेन्द्र प्रताप सिंह
भारत के महान जाट महापुरुष

राजा महेन्द्र प्रताप सिंह

राजा महेन्द्र प्रताप सिंह (1 दिसम्बर 1886 – 29 अप्रैल 1979) भारत के महान स्वतंत्रता सेनानी, क्रांतिकारी, पत्रकार, लेखक, समाज सुधारक तथा अद्वितीय दानवीर थे। वे "आर्यन पेशवा" के नाम से प्रसिद्ध थे। उन्होंने प्रथम...

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                वीर गोकुला
भारत के महान जाट महापुरुष

वीर गोकुला

वीर गोकुला, जिन्हें गोकुल देव के नाम से भी जाना जाता है, 17वीं शताब्दी के महान जाट वीर और स्वतंत्रता सेनानी थे। उन्होंने मुगल सम्राट औरंगज़ेब के शासनकाल में किसानों, हिंदुओं और जाट समाज पर...

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    वीर तेजाजी
भारत के महान जाट महापुरुष

वीर तेजाजी

वीर तेजाजी राजस्थान के महान लोकदेवता एवं वीर योद्धा हैं। उन्हें भगवान शिव के ग्यारह प्रमुख अवतारों में से एक माना जाता है। राजस्थान, मध्यप्रदेश, गुजरात, उत्तर प्रदेश तथा हरियाणा सहित अनेक राज्यों में आज...

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                वीर बिग्गाजी
भारत के महान जाट महापुरुष

वीर बिग्गाजी

वीर बिग्गाजी, जिन्हें वीर बिग्गामल जी अथवा झुंझार जी के नाम से भी जाना जाता है, राजस्थान के प्रसिद्ध लोकदेवता और गौरक्षक वीर थे। उनका जन्म जाट समाज के जाखड़ गोत्र में हुआ था। उन्होंने...

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                शहीद-ए-आज़म भगत सिंह
भारत के महान जाट महापुरुष

शहीद-ए-आज़म भगत सिंह

शहीद-ए-आज़म भगत सिंह भारत के महान क्रांतिकारी, स्वतंत्रता सेनानी और युवाओं के प्रेरणास्रोत थे। उन्होंने ब्रिटिश शासन के विरुद्ध सशस्त्र क्रांति का मार्ग अपनाया और अपने साहस, त्याग तथा देशभक्ति से भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन को...

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                सर छोटूराम
भारत के महान जाट महापुरुष

सर छोटूराम

सर छोटूराम, जिन्हें दीनबंधु, रहबर-ए-आज़म तथा किसानों के मसीहा के नाम से भी जाना जाता है, भारत के महान किसान नेता, समाज सुधारक, विचारक और राजनीतिज्ञ थे। उन्होंने ब्रिटिश भारत के पंजाब प्रांत में किसानों,...

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परिचय एवं इतिहास

जाट समाज की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, विकास यात्रा एवं सामाजिक पहचान के बारे में जानें

भारत में जाट समाज

भारत के विभिन्न राज्यों एवं क्षेत्रों में जाट समाज की उपस्थिति और सामाजिक विविधता की जानकारी

परंपराएँ एवं संस्कृति

जाट समाज की परंपराओं, गोत्र व्यवस्था, लोक संस्कृति एवं सामाजिक रीति-रिवाजों का परिचय

शिक्षा एवं योगदान

कृषि, शिक्षा, सामाजिक सेवा एवं राष्ट्र निर्माण में जाट समाज के योगदान की जानकारी

सामाजिक संकल्प एवं कार्ययोजना

महासभा का उद्देश्य आर्थिक चन्दे के स्थान पर सामग्री के सहयोग को प्राथमिकता देना है। समाज के प्रत्येक व्यक्ति को अपनी क्षमता के अनुसार सेवा कार्यों में योगदान देने का अवसर मिले, यही हमारा संकल्प है। शिक्षा, स्वास्थ्य, जरूरतमंद परिवारों और जनकल्याणकारी कार्यों के लिए आवश्यक वस्तुओं के माध्यम से सहयोग की व्यवस्था विकसित करने का प्रयास किया जाएगा।

संगठन में आपसी एकता, अनुभव और वरिष्ठजनों के मार्गदर्शन को प्राथमिकता देने का उद्देश्य है। 70 वर्ष की आयु के बाद के संरक्षक सदस्यों से गठित संरक्षक मण्डल महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श करके सर्वसम्मति से निर्णय लेने की व्यवस्था पर कार्य करेगा। इसका उद्देश्य संगठन में आपसी विश्वास, अनुशासन और सहयोग की भावना को मजबूत करना है।

किसानों को जैविक और गाय-आधारित खेती की ओर प्रोत्साहित करना इस योजना का प्रमुख उद्देश्य है। किसानों को प्राकृतिक संसाधनों के उचित उपयोग, मिट्टी की उर्वरता, कम लागत वाली खेती और स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग के संबंध में जागरूक किया जाएगा। प्रशिक्षण, छोटी कार्यशालाओं और योजनाबद्ध सहयोग के माध्यम से किसानों को धीरे-धीरे अधिक आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जाएगा।

समाज की नई पीढ़ी को गोत्र व्यवस्था, विवाह संबंधी परंपराओं, पारिवारिक जिम्मेदारियों और सामाजिक मूल्यों की जानकारी देना आवश्यक है। इसके लिए छोटी-छोटी संगोष्ठियों और जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से लगभग 10 वर्ष की आयु से ही बेटा-बेटियों को आपसी सम्मान, पारिवारिक संस्कार, उचित वैवाहिक निर्णय और सामाजिक समन्वय के विषय में समझाने का प्रयास किया जाएगा।

किसी बुजुर्ग या प्रियजन के निधन के समय परिवार पहले से ही दुख और मानसिक तनाव से गुजर रहा होता है। ऐसे समय में परिवार पर अतिरिक्त आर्थिक और सामाजिक दबाव न पड़े, इस उद्देश्य से मृत्युभोज जैसी खर्चीली परंपराओं पर शांतिपूर्ण एवं संवेदनशील तरीके से विचार-विमर्श किया जाएगा।

समाज को सादगीपूर्ण विकल्पों, जरूरतमंदों की सहायता और शोकाकुल परिवार के साथ खड़े रहने के लिए प्रेरित किया जाएगा। धार्मिक, पारिवारिक और स्थानीय परंपराओं का सम्मान रखते हुए अनावश्यक खर्च को कम करने तथा मानवीय संवेदनाओं को प्राथमिकता देने की दिशा में जागरूकता बढ़ाना हमारा उद्देश्य है।